सेविंग अकाउंट वालों को देना पड़ेगा टैक्स

Saving Account Tax: जिस तहर सालाना होने वाली कमाई पर टैक्स देना होता है वैसे ब्याज की कमाई पर टैक्स लगता है अगर आप निवेश करते हैं तो आपको इनकम टैक्स विभाग के इन नियमों के बारे में पता होना चाहिए।
 

Haryana Update: जिस तरह से आपकी मुख्य कमाई यानी इनकम पर टैक्स लगता है, उसी तरह ब्याज यानी इंटरेस्ट से कमाई पर भी टैक्स है. करोड़ों लोग सेविंग्स अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस स्कीम्स, रेकरिंग डिपॉजिट यानी RD और बॉन्ड में निवेश करते हैं. इस निवेश पर ब्याज कमाते हैं. ब्याज से कमाया पैसा टैक्स के दायरे में आता है. 

एफडी से कमाई पर टैक्स

बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD से कमाया ब्याज इंडिविजुअल्स यानी आम लोगों के लिए पूरी तरह टैक्सेबल यानी पूरी तरह से टैक्स के दायरे में है. सीनियर सिटीजन यानी 60 वर्ष से ऊपर के लोग सेविंग्स अकाउंट और FD से कमाए ब्याज पर 50,000 रुपये तक का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं. डिडक्शन का फायदा लेने के लिए ब्याज को ITR में दिखाना होता है और सेक्शन 80TTB के तहत डिडक्शन लिया जा सकता है. 60 साल से कम उम्र के लोगों को 80TTB का फायदा नहीं मिलता है.

FD का ब्याज एक निश्चित सीमा से ज्यादा होने पर बैंक 10 फीसदी की दर से TDS भी काटते हैं. सीनियर सिटीजन (senior citizen) के लिए ये लिमिट 50 हजार रुपये और गैर-सीनियर सिटीजन यानी 60 साल से कम उम्र के लोगों के लिए लिमिट 40,000 रुपये है. आपकी ब्याज समेत कुल कमाई बेसिक एग्जम्प्शन लिमिट से कम होने पर फॉर्म-15G/15H फाइल करके टीडीएस कटने से रोक सकते हैं.