Income Tax : अब टैक्स भरने से मिलेगी राहत, बस करना होगा ये काम
80C में इनकम टैक्स बचाने का सबसे लोकप्रिय तरीका था, लेकिन अधिकांश बचत योजनाएं इसके दायरे में आती हैं और छूट सिर्फ 1.5 लाख रुपए तक मिलती है। लेकिन बहुत से ऑप्शंस हैं जिनमें निवेश नहीं होगा।आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।
Haryana Update : अब तक इनकम टैक्स सेविंग्स नहीं की? अंतिम तीन महीने हैं। आप इनमें निवेश करते हैं तो टैक्स कटने से बच सकते हैं। एक वित्तीय वर्ष में टैक्स बचाने के लिए आपको 31 मार्च तक का समय मिलता है। जनवरी अब शुरू हो चुकी है। ऐसे में अंतिम समय की बचत आपके टैक्स से बच सकती है। ज्यादातर इनकम टैक्स बचाने (Income Tax Savings) के विषय में सेक्शन 80C पर पहले चर्चा होती है। लेकिन 80C को छोड़कर, आपके पास दस विकल्प हैं जिनमें पैसा लगाने पर टैक्स नहीं कटेगा।
इससे कर बचेगा
80C में इनकम टैक्स बचाने का सबसे लोकप्रिय तरीका था, लेकिन अधिकांश बचत योजनाएं इसके दायरे में आती हैं और छूट सिर्फ 1.5 लाख रुपए तक मिलती है। लेकिन कुछ ऑप्शंस हैं जिनमें निवेश किया गया पैसा नहीं कटेगा, और अगर ऐसा हुआ तो रिफंड जरूर मिलेगा।
NPS
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में आप 1.5 लाख रुपए की टैक्स बचत कर सकते हैं, सेक्शन 80C में, लेकिन सेक्शन 80CCD (1B) में भी 50,000 रुपए की अतिरिक्त बचत की जा सकती है। यानी आप 2 लाख रुपये की बचत कर सकते हैं
Health Insurance (80D)
हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम को सेक्शन 80D में क्लेम कर सकते हैं। 80D के तहत आपको टैक्स छूट मिलेगी, जो इस पॉलिसी में शामिल लोगों और उनकी उम्र पर निर्भर करती है। 25,000 रुपये, 50,000 रुपये और 1 लाख रुपये तक की टैक्स बचत इस तरह मिल सकती है।
एजुकेशन लोन (80E)
आप बच्चों की पढ़ाई के लिए लोन लिया है तो उसके रीपेमेंट पर टैक्स छूट मिल सकती है। एजुकेशन लोन के ब्याज के हिस्से पर टैक्स छूट मिल सकती है, जैसा कि सेक्शन 80E में बताया गया है। टैक्स छूट का निर्णय पैरेंट या बच्चा पर निर्भर करेगा। टैक्स छूट पर जितना चाहें ब्याज मिल सकता है, इसमें कोई सीमा नहीं है।
होम लोन का ब्याज (सेक्शन 24)
आप होम लोन रीपेमेंट पर दो तरह से टैक्स छूट पा सकते हैं। 80C के तहत आप 1.5 लाख रुपए का टैक्स छूट ले सकते हैं, साथ ही ब्याज कंपोनेंट पर सेक्शन 24 के तहत छूट भी ले सकते हैं। यदि संपत्ति आपके नाम पर हो और आप उसमें रहते हैं, तो आप इस खंड के तहत 2 लाख रुपए तक की टैक्स छूट पा सकते हैं। अगर आप उस घर में नहीं रहते और उसे किराये पर दे रखा है, तो आप टैक्स छूट के दायरे में आने के लिए एक साल के दौरान जितना भी ब्याज दे सकते हैं।
जब आप पहली बार घर खरीदते हैं (80EE)
सरकार अपना पहला घर खरीदने वालों को, बशर्ते इसके पहले आपके नाम पर कोई और घर नहीं होना चाहिए, सेक्शन 80EE के तहत होम लोन के ब्याज पर अतिरिक्त छूट देती है। आप इस खंड में 50,000 रुपये तक अतिरिक्त टैक्स क्लेम कर सकते हैं। ये छूट सेक्शन 24 में दी गई छूटों के अलावा हैं। यानी पहली बार घर खरीदने वालों को एक साल में कम से कम 2.5 लाख रुपए तक की छूट होम लोन के ब्याज पर मिलती है। इसके लिए एक और शर्त है कि लोन 35 लाख रुपए या इससे कम होना चाहिए और संपत्ति की कीमत 50 लाख रुपए से कम होनी चाहिए।
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HRA (80GG)
यदि आप सैलरीड हैं और आपकी कंपनी HRA देती है, तो आप रेंट पर टैक्स छूट मिलेगी। लेकिन आपको HRA नहीं मिलता तो आप हाउस रेंट पर टैक्स छूट नहीं मिल सकती। ऐसा होता है जब आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं या खुद का काम करते हैं। ऐसे लोगों को सेक्शन 80GG का विकल्प सरकार द्वारा दिया जाता है।
सेविंग बैंक ब्याज (80TTA)
आप भी बैंक अकाउंट से ब्याज पर टैक्स छूट पा सकते हैं। सेक्शन 80TTA के तहत 10,000 रुपए तक टैक्स छूट पा सकते हैं। इसमें बैंक, को-ऑपरेटिव संस्थान या पोस्ट ऑफिस बचत खाते शामिल हैं। ये टैक्स छूट वरिष्ठ नागरिकों के लिए नहीं है। 10,000 रुपये से अधिक ब्याज को अन्य आय का हिस्सा मानकर टैक्स देना होगा।
दिव्यांग चिकित्सा की लागत (80DD)
आप सेक्शन 80DD के तहत किसी दिव्यांग व्यक्ति की देखभाल करने पर होने वाले खर्चों को दावा कर सकते हैं। वह दिव्यांग व्यक्ति परिवार का कोई भी व्यक्ति हो सकता है, जैसे बच्चा, माता-पिता या भाई-बहन। दिव्यांग व्यक्ति के टैक्स छूट का स्तर निर्भर करता है। 75,000 रुपये से 1.25 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।
विशेष रोगों का उपचार (80DDB)
कुछ विशेष बीमारियों का इलाज बहुत महंगा होता है, जैसे कैंसर, न्यूरोलॉजिकल बीमारी या एड्स। सरकार सेक्शन 80DDB में 40,000 रुपये तक की टैक्स छूट प्रदान करती है। ये टैक्स छूट एक लाख रुपये सीनियर सिटिजन को मिलती है।
डोनेशन (80G)
दान करने से भी टैक्स बच सकते हैं। मान्यताप्राप्त चैरिटी संस्थान, सेक्शन 80G के तहत डोनेशन टैक्स छूट के दायरे में आता है। लेकिन पूरे डोनेशन को छूट नहीं मिलती।