इस साल बंपर गेहूँ खरीद की उम्मीद
Haryana Update: बता दें कि केंद्रीय खाद्य अनाज खरीद पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, आज तक सरकार ने लगभग 7.3 मिलियन टन अनाज की खरीद की है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान लगभग 11.5 मिलियन टन की खरीद हुई थी। कॉमट्रेड के अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि गेहूं की अखिल भारतीय आवक साल-दर-साल लगभग 38 फीसदी कम होकर 9 मिलियन टन रह गई है, क्योंकि उच्च नमी सामग्री के कारण कटाई में देरी हुई है। खाद्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकार को पूरा यकीन है कि वह गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा कर लेगी, क्योंकि आवक बढ़ रही है।
स्टॉक में आई भारी गिरावट
बता दें कि घरेलू कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा पिछले साल जून से आटा मिलों (flour mills) जैसे थोक खरीदारों को लगभग 10 मिलियन टन की बिक्री के बाद सरकारी स्टॉक में गिरावट आई है।
दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश में गेहूं की मुद्रास्फीति यूक्रेन युद्ध के बाद रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई, लेकिन सरकार द्वारा किए गए आक्रामक आपूर्ति-पक्ष उपायों के कारण वार्षिक आधार पर लगभग 5 फीसदी तक कम हो गई है।