8th Pay Commission: 3.88 फिटमेंट पर लेवल 1-18 की सैलरी कितनी होगी?
8th Pay Commission fitment factor: 8वां वेतन आयोग अपना काम जोरो से कर रहा है। इस समय आयोग मीटिंग पर मीटिंग कर रहा है। अब तक आयोग अलग-अलग शहरों में दो मीटिंग कर चुका है। पहली मीटिंग देहरादून में हुई और दूसरी दिल्ली में। इन मीटिंग में कर्मचारी संगठन के अधिकारी शामिल होते हैं। और आयोग के समक्ष अपनी मांगे रखते हैं। इन सबके बीच अब तक हुई दो मीटिंग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर जो मांग की गई है उसमें यह बात निकलकर सामने आई है कि इसे 3.5 से ऊपर रखा जाए।
कर्मचारी संगठन ने आठवें वेतन आयोग (8th CPC) 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। इसके अलावा कुछ जगह 3.88 की भी चर्चा है। आज हम आपको 3.88 के हिसाब से कैलकुलेशन करके समझाएंगे कि आखिर इस फिटमेंट फैक्टर से लेवल से लेकर लेवल 18 तक के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी बढ़ सकती है। आइए कैलकुलेशन के जरिए इसे समझने की कोशिश करते हैं।
अगर 3.88 हुआ फिटमेंट फैक्टर तो कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?
ग्रेड वर्तमान बेसिक पे (₹) फिटमेंट फैक्टर = 3.88 ((₹) कितनी बढ़ेगी सैलरी (₹) नया बेसिक पे (₹)
लेवल 1 18,000 69,840 51,840 69,840
लेवल 2 19,900 77,212 57,312 77,212
लेवल 3 21,700 84,196 62,496 84,196
लेवल 4 25,500 98,940 73,440 98,940
लेवल 5 29,200 113,296 84,096 113,296
लेवल 6 35,400 137,352 101,952 137,352
लेवल 7 44,900 174,212 129,312 174,212
लेवल 8 47,600 184,688 137,088 184,688
लेवल 9 53,100 206,028 152,928 206,028
लेवल 10 56,100 217,668 161,568 217,668
लेवल 11 67,700 262,676 194,976 262,676
लेवल 12 78,800 305,744 226,944 305,744
लेवल 13 118,500 459,780 341,280 459,780
लेवल 13 131,100 508,668 377,568 508,668
लेवल 14 144,200 559,496 415,296 559,496
लेवल 15 182,200 706,936 524,736 706,936
लेवल 16 205,400 796,952 591,552 796,952
लेवल 17 225,000 873,000 648,000 873,000
लेवल 18 250,000 970,000 720,000 970,000
कब और कहाँ- 8th Pay Commission पर अगली चर्चा?
8वें वेतन आयोग के तहत चर्चाओं का पहला दौर अब समाप्त हो गया। इसमें पहली बैठक देहरादून तो दूसरी दिल्ली में हुई। अब 8th Pay Commission आउटरीच के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है।
8वें वेतन आयोग ने 18-19 मई को हैदराबाद, 1 जून से 4 जून तक श्रीनगर और 8 जून, 2026 को लद्दाख के दौरे निर्धारित किए हैं। इसके तहत, हितधारकों से कहा गया है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने ज्ञापन प्रस्तुत करें और बैठकों का अनुरोध करें।