Aadampur By-Election: भव्य बिश्नोई के नामांकन को चुनौती से मुश्किल में BJP, ED के 3 केसों की जानकारी छुपाई- EC

Big Breaking News:शिकायत में लिखा है कि भव्य बिश्नोई ने हरियाणा के आदमपुर विधानसभा हलके हेतु उपचुनाव के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन में अपने खुद के खिलाफ मात्र एक ED का मुकदमा बताया है. मगर, उनके खिलाफ 4 फौजदारी मुकदमे 30 हजारी कोर्ट में 13 दिसंबर 2022 की तारीख से लंबित हैं, जिनमें प्रत्येक में उन्हें 7 साल तक की सजा हो सकती है.
 

Aadampur By-Election: आदमपुर उप चुनाव में भाजपा उम्मीदवार भव्य बिश्नोई पर ED केस को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप हैं. भव्य का नामांकन खारिज करने की मांग की गई है

हिसार के एडवोकेट राजेश जाखड़ और इनेलो के उम्मीदवार कुरडा राम नंबरदार सहित पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव आरएस चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त एवं निर्वाचन अधिकारी को शिकायत भेजी है.

शिकायत में लिखा है कि भव्य बिश्नोई ने हरियाणा के आदमपुर विधानसभा हलके हेतु उपचुनाव के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन में अपने खुद के खिलाफ मात्र एक ED का मुकदमा बताया है. मगर, उनके खिलाफ 4 फौजदारी मुकदमे 30 हजारी कोर्ट में 13 दिसंबर 2022 की तारीख से लंबित हैं, जिनमें प्रत्येक में उन्हें 7 साल तक की सजा हो सकती है.

"भव्य ने नामांकन में ऐसे किया था केस का जिक्र "


भव्य ने अपने नामांकन पत्र में शपथ पत्र देते हुए ED केस का जिक्र आईटी एक्ट 1961-1964/ 2021 शो किया. जो कि दिल्ली की तीस हजार कोर्ट में है. इसे खारिज करने के लिए एप्लिकेशन दी हुई है. जबकि 1962,1963 नंबर केस भी है.

निर्वाचन अफसर बोले- जांच करेंगे
इस शिकायत पर निर्वाचन अधिकारी SC शर्मा का कहना है कि हमारे पास जो भी शिकायत आती है, उसकी जांच की जाती है. हम जांच कर रहे हैं.
कुलदीप बोले- हमने कुछ नहीं छिपाया
वहीं इस मामले पर कुलदीप बिश्नोई का कहना है कि भव्य पर जितने केस थे, सभी के नंबर दिए हुए हैं. हमने कुछ नहीं छिपाया.

"जुलाई 2019 में छापा मारा था"("Raided in July 2019")
 

ED ने जुलाई 2019 में कुलदीप बिश्नोई के हरियाणा, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में 13 परिसरों की तलाशी ली थी. यह छापामारी करीब 78 घंटे चली थी. तब कुलदीप आदमपुर से कांग्रेस के विधायक थे.

विपक्ष कुलदीप पर आरोप लगाता रहा है कि वह ED की कार्रवाई से बचने के लिए भाजपा में शामिल हुआ है, क्योंकि ED को 200 करोड़ की अवैध प्रॉपर्टी मिली है. विपक्षी पार्टियां चुनाव में इस मुद्दे को खूब भूना रही हैं.