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PM Kisan की 12वीं क‍िस्‍त से पहले क‍िसानों को बड़ा तोहफा, पढे पूरी खबर

देशभर के क‍िसान एक तरफ केंद्र सरकार की तरफ से म‍िलने वाली पीएम क‍िसान सम्‍मान न‍िध‍ि (PM Kisan Samman Nidhi) की 12वीं क‍िस्‍त का इंतजार कर रहे हैं।
 
PM Kisan की 12वीं क‍िस्‍त से पहले क‍िसानों को बड़ा तोहफा
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Haryana Update. Sugarcane Price Hike in Punjab: दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने क‍िसानों के ल‍िए बड़ा ऐलान कर द‍िया है।

 

सरकार की तरफ से की गई घोषणा का फायदा गन्ना किसानों होगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गन्ने का समर्थन मूल्‍य 360 रुपये से बढ़ाकर 380 रुपये प्रति क्‍व‍िंटल कर द‍िया है।

 

जल्‍द जारी होगा न‍िजी चीनी म‍िलों का बकाया


भगवंत मान ने घोषणा करते हुए कहा क‍ि किसानों को गन्ने के एसएपी (SAP) के तहत पिछले साल की तुलना में 20 रुपये प्रति क्‍व‍िंटल अतिरिक्त मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा क‍ि सहकारी मिलों पर ज‍िन क‍िसानों का अभी तक बकाया है, उसे भी जारी कर दिया गया है। जल्द निजी चीनी म‍िलों का बकाया भी क‍िसानों के खाते में पहुंच जाएगा।

उन्होंने राज्य विधानसभा के संक्षिप्त सत्र के समापन पर गन्ने के स्टेट एग्रीड प्राइस (SAP) में बढ़ोतरी का ऐलान क‍िया।

200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च


इससे पहले अगस्त, 2021 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने गन्ने के एसएपी में 50 रुपये प्रति क्‍व‍िंटल की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद गन्ने की कीमत बढ़कर 360 रुपये प्रति क्‍व‍िंटल हो गई थी।

मान ने बताया क‍ि किसानों को गन्ने के एसएपी के तहत पिछले साल की तुलना में 20 रुपये प्रति क्‍व‍िंटल ज्‍यादा म‍िलेगा।

इस निर्णय के बाद राज्य सरकार किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सालाना 200 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी।

चीनी मिलों की पेराई क्षमता 2।50 लाख हेक्टेयर


सीएम भगवंत मान ने कहा कि सूबे के किसान फसल विविधीकरण के तहत गन्ने की फसल को अपनाना चाहते हैं। लेकिन बाजार में पर्याप्त कीमत नहीं मिलने और समय पर भुगतान नहीं होने के कारण वे संकोच में रहते हैं।

उन्होंने बताया पंजाब में फ‍िलहाल महज 1.25 लाख हेक्टेयर जमीन पर गन्ने की खेती होती है, जबकि चीनी मिलों की पेराई क्षमता 2।50 लाख हेक्टेयर है। यही कारण है क‍ि गन्ने का एसएपी (SAP) बढ़ाने का फैसला किया गया है।


मुख्‍यमंत्री ने कहा क‍ि सरकार के इस कदम से आने वाले समय में गन्‍ने की पैदावार बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सहकारी चीनी मिले पहले ही किसानों की बकाया धनराश‍ि का भुगतान कर चुकी हैं।

लेकिन दो निजी चीनी मिलों ने अभी तक बकाया का भुगतान नहीं किया है। जल्‍द ही न‍िजी चीनी म‍िले भी भुगतान कर देंगी।