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Good news for Medical Students, Govt took big decision

Medical Students: मेडिकल की पढ़ाई करने वालो के सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, इसके तहत अप गरीब और माध्यम वर्गीय छात्र भी प्राईवेट कॉलेज मे पढ़ाई कर सकेंगे। MEDICAL: केंद्र सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है जिसके तहत अब गरीब और माध्यम वर्गीय छात्र
 
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Good news for Medical Students, Govt took big decision

Medical Students: मेडिकल की पढ़ाई करने वालो के सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, इसके तहत अप गरीब और माध्यम वर्गीय छात्र भी प्राईवेट कॉलेज मे पढ़ाई कर सकेंगे।

MEDICAL: केंद्र सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है जिसके तहत अब गरीब और माध्यम वर्गीय छात्र भी प्राईवेट कॉलेजो मे पढ़ाई कर सकेंगे। भारत सरकार के मुताबिक अब प्राईवेट मेडिकल कॉलेजो की आधी सीटों पर सरकारी कॉलेजों के बराबर ही फीस लगेगी।

दरअसल PMO की तरफ से एक ट्वीट मे लिखा गया है, “हमने तय किया है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेज के बराबर ही फीस लगेगी। सरकार के इस फैसले का फायदा उन गरीब छात्रों को मिलेगा जो पैसे की के चलते मेडिकल की पढ़ाई करने से चूक जाते हैं”

Medical Students : अब ज्यादा फीस नहीं ले पाएंगे प्राईवेट कॉलेज

आयुष्मान योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियो से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत सरकार के फरवरी में दिए आदेश का लाभ डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे को मिलेगा हैं।

नेशनल मेडिकल कमीशन ने 3 फरवरी को एक नोटिफिकेशन जारी किया था जिसमे कहा गया है कि देश के सभी प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 50 फीसदी सीटों की फीस, जिस प्रदेश में कॉलेज स्थित हैं, उस प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस के बराबर होगी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेज किसी भी तरह का अन्य शुल्क फीस से ऊपर नही वसूल पाएंगे।” अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा उन छात्रों को मिलेगा जो डॉक्टर बनना चाहते है पर पैसो कि कमी कि वजह से नहीं पढ़ पाते।

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MEDICAL COLLEGE

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किस आधार पर आपको फायदा मिलेगा

NMC ने आदेश दिया था कि बची हुई 50 फीसदी सीटों की फीस को जिस राज्य में मेडिकल कॉलेज स्थित है उस राज्य की फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी तय करेगी। कोई भी मेडिकल कॉलेज अब छात्र से ज्यादा फीस वसूल नहीं कर सकता ।

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की जिन 50 फीसदी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेज के बराबर फीस का प्रावधान भारत सरकार ने किया था, उसमें वरीयता मेरिट के आधार पर मिलेगी यानी नीट परीक्षा की रैंकिंग के आधार पर मिलेगी। यानि अगर कोई नीट की परीक्षा मे अच्छे रंक लेकर आता है तो उसे इसका लाभ मिलेगा। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में करोड़ो की फीस की वजह से जो छात्र विदेशो में सस्ती फीस की वजह से जाते थे उनकी संख्या में कमी आएगी और ऐसे छात्र भारत के ही मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर पाएंगे। माना जा रहा है की भारत सरकार के इस फैसले से छात्र खुश होंगे और अब उन्हे विदेशो मे नहीं भागना पड़ेगा ।