FD करने वालो को जरूर पता होनी चाहिए ये बात...कब नहीं देना होता ब्याज पर Tax
Bank FD Tips : FD पर मिलने वाले ब्याज पर Tax कब और कैसे लगता है और किन परिस्थितियों में इस पर टैक्स नहीं देना पड़ता। अगर आप भी FD में निवेश कर रहे हैं, तो इन नियमों को जानना आपके लिए जरूरी है.
Bank FD Tips In Hindi (Haryana Update) : फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक सुरक्षित निवेश विकल्प है, जिसे लोग तय रिटर्न और कम जोखिम के कारण पसंद करते हैं. इसमें निवेशक अपनी ज़रूरत के हिसाब से समय तय कर सकते हैं. कई बैंक FD पर अच्छी ब्याज दरें देते हैं, लेकिन इसमें एक बात ध्यान देने वाली है- FD पर मिलने वाले ब्याज पर TDS (TDS - Tax Deducted at Source) लगता है.
TDS क्या है?
TDS यानी टैक्स डिडक्शन एट सोर्स का मतलब है कि जब आपको किसी स्रोत से आय होती है, जैसे सैलरी, किराया या ब्याज, तो उस पर पहले से ही टैक्स कट जाता है. यह टैक्स सरकार के पास जमा होता है. अगर आपकी कुल आय टैक्सेबल नहीं है, तो आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करके यह पैसा वापस पा सकते हैं.
FD पर TDS कैसे कटता है?
अगर आपने बैंक में FD करवाई है, तो बैंक आपको इस पर ब्याज देता है. बैंक इस ब्याज पर TDS काटकर सरकार के पास जमा करता है.
FD पर TDS की गणना कैसे की जाती है?
FD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से टैक्सेबल होता है और इसे अन्य स्रोतों से होने वाली आय माना जाता है।
TDS की गणना इस आधार पर की जाती है कि आपको कितने समय में कितना ब्याज मिला और आपकी आय कितनी है।
अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम है तो उसे कोई टैक्स नहीं देना होता है। अगर बैंक ने फिर भी टीडीएस काटा है तो आप आईटीआर दाखिल करके रिफंड पा सकते हैं।
FD के ब्याज पर कब नहीं कटेगा टीडीएस?
1. अगर FD से सालाना ब्याज 40,000 रुपये से कम है तो कोई टीडीएस नहीं कटेगा।
2. वरिष्ठ नागरिकों (60 साल या उससे अधिक) के लिए यह सीमा 50,000 रुपये है।
3. अगर ब्याज इससे ज्यादा है तो बैंक 10% टीडीएस काटेगा।
कब आपको 20% टीडीएस देना पड़ सकता है?
अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो बैंक FD पर 20 फीसदी टीडीएस काट सकता है। टीडीएस से बचने के उपाय- फॉर्म 15जी या 15एच भरें अगर आपकी कुल आय टैक्स ब्रैकेट में नहीं आती है तो आप बैंक में फॉर्म 15जी (सामान्य नागरिक) या 15एच (वरिष्ठ नागरिक) भर सकते हैं, जिससे टीडीएस नहीं कटेगा। अलग-अलग बैंकों में FD कराएं अगर आपको किसी एक बैंक में ज्यादा ब्याज मिल रहा है तो आप FD को अलग-अलग बैंकों में बांटकर 40,000 रुपये की सीमा में रख सकते हैं।