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UP का ये इलाका नकली नोटों की सप्लाई का केंद्र बना, रोजाना झोंकी जा रही है करोड़ो की नकली Currency

UP Fake Notes Big News: पश्चिम उत्तर प्रदेश में नकली मुद्रा का कारोबार हर दिन बढ़ता जा रहा है। इसका एक बड़ा केंद्र मेरठ बन गया है। यहां से अब तक करोड़ों रुपये की करेंसी एसटीएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा पकड़ी गई है। परीक्षण एजेंसी ने बताया कि मेरठ से एनसीआर के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में नकली रुपये भेजे जा रहे हैं।
 
UP का ये इलाका नकली नोटों की सप्लाई का केंद्र बना, रोजाना झोंकी जा रही है करोड़ो की नकली Currency
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Haryana Update: नकली करेंसी का कारोबार हर दिन बढ़ता जा रहा है। आज मेरठ एक बड़ा केंद्र बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां से अब तक करोड़ों रुपये की करेंसी एसटीएफ और अन्य संस्थाओं द्वारा पकड़ी गई है..।

गुरुवार को मेडिकल थानाक्षेत्र में गिरफ्तार किए गए तीनों शातिरों ने कहा कि वे छह महीने से नकली करेंसी बना रहे हैं। अब तक वह लोगों को 50 करोड़ से अधिक रुपया दे चुका है। NCR में नकली करेंसी का प्रचलन जिस तेजी से बढ़ा है, उसने अधिकारियों को परेशान कर दिया है। नकली करेंसी से हर दिन लोगों को नुकसान होता है।


केंद्रीय अधिकारियों ने एसटीएफ को इस पूरे व्यापार को नियंत्रित करने और इससे जुड़े लोगों को गिरफ्तार करने का काम सौंपा, क्योंकि हालात खतरनाक मोड पर पहुंच चुके थे। एसटीएफ की कई टीमें कई माह से इस नकली करेंसी के कारोबारियों को पकड़ने में लगी हुई थीं। लंबी जांच के बाद एसटीएफ को पता चला कि यह गिरोह मेरठ से चलाया जा रहा है।


बाद में एजेंसी ने मेरठ की जांच की तो पता चला कि मेडिकल क्षेत्र यह करेंसी भारी मात्रा में बेच रहा है। इसके बाद एक घेराबंदी हुई और गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिनके पास 2.03 लाख रुपये से अधिक की नकदी थी। नकली करेंसी बनाने और बेचने वाले इस गिरोह का सरदार पप्पू तल्हेडी है। पप्पू दस साल से कक्षा छह में अपराध जगत से जुड़ा हुआ है।

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वह चोरी करके नकली करेंसी कारोबार किया। संगीन मामले उस पर दर्ज हैं। जेल में ही उसने फलावदा गांव खाता के धनपाल और देशपाल से मुलाकात की थी। जेल से बाहर आने पर धनपाल ने पप्पू को अपने ही गाँव के कलुवा से मिलाया। कलुवा फोटो विद्यार्थियों को चलाता था। इसके बाद तीनों ने मिलकर नकली नोट बनाने शुरू किया, इसके लिए आवश्यक सामग्री जुटाई।

उन्होंने छह महीने तक करोड़ों रुपये के नकली नोट बनाए। वह इन नोटों को लोगों को 35 प्रतिशत कम दर पर देता था। इसके लिए गरीबों को चुना गया था। वह एनसीआर में पेट्रोल पंप, रेस्तरां और बाजार में सामान खरीदने के लिए यह रुपया खर्च करता था।

एसटीएफ मेरठ सप्लायर्स की खोज कर रहा है—
एसटीएफ अब नकली करेंसी मामले में तीन शातिरों को पकड़ रहा है। पूछताछ से पता चला कि एनसीआर के अलावा कई राज्यों में रुपये लेकर करेंसी सप्लाई करने में 50 से अधिक लोग शामिल थे। पुलिस ने ऐसे कुछ लोगों के नाम बताए हैं। यह भी पता चला है कि इनके पास काफी नकली करेंसी है। इनकी गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।

किसी को नहीं पता था कि नोट तैयार हो रहे हैं-
मेडिकल थानाक्षेत्र के हनुमान विहार भड़ाना डेरी वाली गली में बहुत सारे लोग रहते हैं। यहाँ के निवासियों को भी पता नहीं था कि शहर में नकली नोट का कारोबार हो रहा है। उसने बताया कि उन्होंने तीनों आरोपितों को यहाँ गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसे कभी नहीं लगा कि वे नकली नोट का कारोबार कर रहे थे। लोगों का कहना है कि यहां वाहन अक्सर आते-जाते थे। पुलिस के तीनों लोगों की गिरफ्तारी के बाद लोग अब हैरान हैं।