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किसानों को गेंहूं का मिल रहा MSP से अधिक भाव, मंडियों में बढ़ रही आवक

Wheat Rate in Haryana मंडियों में गेहूं की आवक होते ही बाजार भाव एमएसपी से अधिक हो गया है। सरकार की ओर से तो गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी 2015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है लेकिन बाजार में गेहूं का भाव 2050 रुपये तक पहुंच रहा है।
 
किसानों को गेंहूं का मिल रहा MSP से अधिक भाव, मंडियों में बढ़ रही आवक
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Haryana News, बहादुरगढ़ : सरसों के बाद अब गेहूं का बाजार भाव भी किसानों को उत्साहित कर रहा है। मंडियों में गेहूं की आवक होते ही बाजार भाव एमएसपी से अधिक हो गया है। सरकार की ओर से तो गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी 2015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, लेकिन बाजार में गेहूं का भाव 2050 रुपये तक पहुंच रहा है।

 

एक सप्ताह के अंदर मंडियों में आवक भी तेज हो जाएगी। इस बार खराब मौसम का फसलों पर विपरीत असर पड़ा है। इससे उत्पादन अन्य वर्षों की अपेक्षा कम रहने के संभावना के चलते ही बाजार में गेहूं के भाव में तेजी दर्ज की जा रही है।

 

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सरसों की फसल पहले से ही एमएसपी से कहीं ज्यादा दाम पर बिक रही है। सरसों का एमएसपी तो 5050 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन किसानों को इसके दाम छह हजार रुपये प्रति क्विंटल से भी अधिक मिल रहे हैं। अभी भी मंडियों में सरसों की आवक हो रही है।

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इस बीच सरकार की ओर से अप्रैल की शुरूआत से ही गेहूं की खरीद भी शुरू कर दी गई है, लेकिन सरकारी एजेंसियां अब गेहूं की फसल को लेकर भी इंतजार ही कर रही हैं। दो साल से सरसों की फसल तो सरकारी एजेंसियों को मिल ही नहीं रही है।

इस बार अभी तक सरकारी एजेंसियों को पहले दो दिनों के अंदर तो गेहूं भी नहीं मिल पाया है। बहादुरगढ़ में तो शहर की अनाज मंडी के अलावा आसौदा में भी फसल सीजन में गेहूं की खरीद के लिए अस्थायी मंडी बनाई जाती है। इस बार भी बनाई गई है, लेकिन दोनों ही मंडियों में अभी तक जितनी भी आवक हुई है, वहां पर पूरी फसल व्यापारियों द्वारा ही खरीद ली गई है। बहादुरगढ़ मंडी के व्यापारी पवन गुप्ता का कहना है कि अभी गेहूं की डिमांड ज्यादा है। इसलिए बाजार में भाव तेज है।

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